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नवजात शिशॠको कैसे नहलाà¤à¤‚? | New Born Baby Ko Kaise Nahlaye
नवजात शिशॠको सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराना आसान काम नहीं है, खासतौर से उनके लिठजो पहली बार माता-पिता बने हैं। कà¥à¤› शिशॠसà¥à¤¨à¤¾à¤¨ का आनंद लेते हैं, लेकिन कà¥à¤› शिशॠको नहलाना किसी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ से कम नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि कà¥à¤› शिशॠनहाते समय रोते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हैं, तो यह इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करती है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहलाया कैसे जा रहा है। अब आप यह जरूर जानना चाहेंगे कि नवजात शिशॠको कैसे नहलाया जाà¤? इस काम में मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ का यह लेख आपकी काफी हद तक मदद कर सकता है। यहं हम नवजात शिशॠको नहलाने से जà¥à¥œà¥€ कई जरूरी जानकारियां देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं। आइà¤, विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं कि नवजात शिशॠको कैसे नहलाना चाहिà¤à¥¤
नवजात शिशॠको नहलाना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
नवजात शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤µà¤šà¤¾ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® और नाजà¥à¤• होती है (1)। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहलाना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, लेकिन जरूरी à¤à¥€ है। शिशॠको नहला कर साफ कपड़े पहनाना, उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की ओर पहला कदम हो सकता है। नहलाने के पीछे इसके अलावा à¤à¥€ कारण है, जो निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से हैं :
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दूर करे- नवजात शिशॠको नहलाने से हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दूर हो सकते हैं (2)।
नया अहसास – सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के दौरान शिशॠनठअनà¥à¤à¤µ करता है। नहाने के दौरान शिशॠसे बातचीत करना और लोरी गाना उसके विकास में सहायक हो सकता है (3)।
मधà¥à¤° सबंध बनाने के लिठ– जब माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ को हलà¥à¤•े हाथों और पà¥à¤¯à¤¾à¤° नहलाते हैं, तो नवजात शिशॠऔर उनके बीच सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ बà¥à¤¤à¤¾ है (4)।
तनाव से राहत – नहलाने से नवजात शिशॠको तनाव से राहत मिलती है और वो आराम महसूस कर सकता है (5)।
नींद में सहायक – सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के बाद शिशॠà¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद ले सकता है। शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहाने के बाद नींद की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ बॠजाती है। फिर चाहे बात बड़ों की हो या फिर किसी नवजात शिशॠकी (6)।
शिशॠको नहलाना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है, यह तो हम बता ही चà¥à¤•े हैं। अब आगे जानते हैं कि शिशॠको कब नहलाना चाहिà¤à¥¤
नवजात शिशॠको नहलाना कब शà¥à¤°à¥‚ करें? | Navjat Shishu Ko Kab Nahlaye?
à¤à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर जनà¥à¤® के 12-24 घंटे बाद शिशॠको नहलाया जाà¤, तो यह उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर सकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है (7)। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इंफारà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध में à¤à¥€ कहा गया है कि जनà¥à¤® के तà¥à¤‚रत बाद शिशॠको नहीं नहलाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से शिशॠकी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠसकती है (8)। जानकारों की मानें तो à¤à¤• बार शिशॠका अमà¥à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤•ल कॉरà¥à¤¡ यानी गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² सूखने और गिरने के बाद ही शिशॠको नहलाना उचित होता है। इससे पहले सà¥à¤ªà¥‹à¤‚जिंग कराना ही बेहतर हो सकता है। शिशॠको नहलाने का समय निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ करते समय निमà¥à¤¨ बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥€ रखना जरूरी है:
नवजात को नहलाने के लिठà¤à¤¸à¥‡ समय का चयन करें, जब आप पूरी तरह फà¥à¤°à¥€ हों। यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लें कि आप पूरा समय बचà¥à¤šà¥‡ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में समरà¥à¤¥ हों।
अगर मौसम सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का है, तो बेहतर होगा कि जब धूप तेज हो और तापमान सामानà¥à¤¯ हो, तà¤à¥€ शिशॠको नहलाà¤à¤‚।
आइà¤, अब जानते हैं कि शिशà¥à¤“ं को कब-कब नहलाया जा सकता है।
शिशà¥à¤“ं को कितनी बार नहलाना चाहिà¤?| New Born Baby Ko Kitne Din Me Nahana Chahiye?
नवजात को रोज नहलाने की जरूरत नहीं होती है। जब तक बचà¥à¤šà¤¾ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर चलना शà¥à¤°à¥‚ नहीं करता, तब तक वह कम गंदा होता है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि शिशॠको सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सिरà¥à¤« तीन दिन नहलाना काफी है (9)। इसके अलावा, शिशॠको नहलाना मौसम की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। अगर गरà¥à¤®à¥€ का मौसम है तो शिशॠको हर रोज नहलाया जा सकता है। वहीं, ठंड या बरसात के मौसम में हर दूसरे दिन या हफà¥à¤¤à¥‡ में दो से तीन दिन नहलाना उचित हो सकता है। आगे हम शिशॠको नहलाने के लिठकी जाने वाली तैयारी के बारे में बता रहे हैं।
नवजात शिशॠको नहलाने से पहले की तैयारी
नवजात शिशॠको नहलाना à¤à¤• जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤°à¤¾ काम है। बचà¥à¤šà¥‡ को पानी में या उसके आसपास अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं है। इसलिà¤, बेहतर होगा कि आपने बचà¥à¤šà¥‡ को नहलाने से पहले पूरी तैयारी करें। इसके लिठआप निमà¥à¤¨ बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रख सकते हैं:
बेबी सोप, शैमà¥à¤ªà¥‚, पानी और तौलिया अपने हाथ की पहà¥à¤‚च में लाकर रखें।
नाजà¥à¤• अंगों की सफाई के लिठकॉटन या वाशकà¥à¤²à¥‰à¤¥ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
डायपर और सूखे कपड़े यानी नहाने के बाद काम आने वाला सामान à¤à¥€ à¤à¤• जगह à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर लें।
बेबी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठआप टब में कà¥à¤› रंग-बिरंगे खिलौने à¤à¥€ रख सकते हैं।
अगर आपको लगता है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ नहाने के बाद तà¥à¤°à¤‚त दूध की मांग करेगा, तो उसकी à¤à¥€ तैयारी रखें।
शिशॠके लिठपानी का तापमान कितना होना चाहिà¤, इसकी जानकारी होना à¤à¥€ जरूरी है। आइà¤, इस बारे में जानते हैं।
पानी कितना गरà¥à¤® होना चाहिà¤?
शिशॠको नहलाने से पहले पानी का तापमान जांच लें। वाटर हीटर (गीजर) का तापमान 120 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट पर सेट करें। शिशॠको नहलाने के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। पानी का तापमान जांचने के लिठआप थरà¥à¤®à¤¾à¤®à¥€à¤Ÿà¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ कर सकते हैं (10)। आसान शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में समà¤à¤¾ जाठतो पानी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ गरà¥à¤® होना चाहिà¤, न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडा। शिशॠको नहलाने के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी का उपयोग करना उचित है और शिशॠको नहलाने से पहले इसे अपने हाथ के पीछे डालकर चेक जरूर करें ताकि पानी के तापमान का पता चल सके।
शिशॠको नहलाते समय कà¥à¤› बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना जरूरी है। आगे हम इस बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं।
अपने नवजात शिशॠको कहां नहलाà¤à¤‚?
नवजात शिशॠको सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराने का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते समय इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जरूर रखें (10) –
नहाने का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते समय यह जाच लें कि वहां फिसलन न हो।
बाथरूम अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गीला हो, तो पहले उसे वाइपर से सà¥à¤–ा लें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपका पैर फिसलने का डर कम हो जाà¤à¤—ा।
जरूरी नहीं कि शिशॠको बाथरूम में नहलाया जाये। à¤à¤• टब लेकर घर के किसी à¤à¥€ कमरे में शिशॠको नहलाया जा सकता है।
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जरूर रखें कि बाथरूम व कमरे का तापमान सामानà¥à¤¯ हो।
हमेशा समतल जगह का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें, ताकि आपको शिशॠको नहलाने में सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ रहे।
शिशॠके सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ से संबंधित अनà¥à¤¯ जानकारियों के लिठपढ़ते रहें यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
नवजात शिशॠको कैसे नहलाà¤à¤‚?
नवजात शिशà¥à¤“ं के अंग नाजà¥à¤• होते हैं। ऊपर से साबà¥à¤¨ और शैमà¥à¤ªà¥‚ लगे हाथों से शिशॠके फिसल जाने का डर à¤à¥€ रहता है। इसी डर के कारण कई माता-पिता अपने नवजात शिशॠको नहलाने का काम नरà¥à¤¸ या किसी अनà¥à¤à¤µà¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सौंप देते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¦ à¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से नहला सकते हैं। आइà¤, जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहलाने के कौन-कौन से तरीके हैं-
नवजात शिशॠको सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ
जनà¥à¤® के बाद पहले à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ शिशॠके लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है। इसमें à¤à¤• मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® व गीले सà¥à¤ªà¤‚ज, कपड़े या फिर कॉटन से शिशॠके शरीर को साफ किया जाता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान शिशॠकी गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² पानी के संपरà¥à¤• से बच जाती है, जिससे इसके जलà¥à¤¦à¥€ ठीक होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है (11)।
अब जानते हैं कि सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ कैसे दिया जाता है –
जरूरी सामान – बिछाने के लिठà¤à¤• मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़ा, बेबी सोप, पोंछने के लिठà¤à¤• मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़ा, सूखा तौलिया, गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी, डायपर, शिशॠके साफ कपड़े, बेबी लोशन और पाउडर। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे साबà¥à¤¨ का उपयोग शिशॠके जनà¥à¤® के पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 1 – शिशॠको किसी समतल जगह पर मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़ा बिछाकर लेटा दें। साथ ही किसी बरà¥à¤¤à¤¨ में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी रख लें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 2 – अब à¤à¤• नरम व मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® कपड़े को गरम पानी में डà¥à¤¬à¥‹ कर निचोड़ें और शिशॠका चेहरा और जांघ, टांग व हाथों को पोंछें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 3 – शिशॠके जननांगों, नाक, कान और आंखों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से साफ करें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 4 – इसके बाद शिशॠको साफ और सूखे तौलिये से पोछ दें। डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ सà¥à¤•िन से बचाने के लिठमà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हाथों से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर पर बेबी लोशन यानी मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° कà¥à¤°à¥€à¤® à¤à¥€ लगा सकते हैं। इससे शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पीà¤à¤š सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ रहता है (12)।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 5 – नवजात शिशॠको डायपर और सà¥à¤µà¤šà¥à¤› कपड़े पहनाकर मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तापमान सामानà¥à¤¯ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ करें।
नवजात शिशॠको टब में नहलाना
à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद शिशॠको टब में नहलाया जा सकता है। शिशॠको टब में नहलाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ इस पà¥à¤°à¤•ार है –
जरूरी सामान – नहाने के लिठटब के अतिरिकà¥à¤¤ सब कà¥à¤› सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ के समान ही रहेगा। गरम पानी सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ के मà¥à¤•ाबले अधिक होना चाहिये।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 1 – सबसे पहले टब को दो या तीन इंच तक पानी से à¤à¤° लें और शिशॠके कपड़े निकालकर टब में सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° बैठाà¤à¤‚। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि शिशॠका सिर और चेहरा पानी से बाहर रहे, पानी का सà¥à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ के सीने के नीचे तक होना चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 2 – à¤à¤• हाथ से शिशॠके सिर को सहारा दें और दूसरे हाथ से शिशॠके ऊपर पानी डालें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 3 – शिशॠके शरीर पर साबà¥à¤¨ लगाà¤à¤‚ और वाश कà¥à¤²à¥‰à¤¥ से सिर, बगल, जांघों और कमर को साफ करें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 4 – इसके बाद शिशॠको साफ पानी से नहलाà¤à¤‚ और फिर तौलिये में लपेट लें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 5 – अब शरीर को तौलिया से अचà¥à¤›à¥€ तरह सà¥à¤–ाने के बाद पाउडर और लोशन लगा दें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 6 – फिर डायपर और कपड़ें पहनाकर शिशॠका तापमान सामानà¥à¤¯ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• सà¥à¤¨à¤¾à¤¨
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के कई हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में आज à¤à¥€ पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है। इसके अंतरà¥à¤—त नवजात को मां अपने पैरों पर लेटाकर नहलाती है। नहलाने से पहले शिशॠकी अचà¥à¤›à¥€ तरह मालिश की जाती है। अगर माठशिशॠको नहलाने में सकà¥à¤·à¤® न हो तो दाई या घर की बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— औरतें शिशॠको पारमà¥à¤ªà¤°à¤¿à¤• विधि से नहलाती हैं।
जरूरी सामान – बालà¥à¤Ÿà¥€ और मग के अतिरिकà¥à¤¤ सब कà¥à¤› सà¥à¤ªà¤‚ज बाथ के समान ही रहता है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 1 – नीचे बैठजाà¤à¤‚ और अपने पैरों को सामने की ओर फैला लें। शिशॠके कपड़े निकालकर उसे पैरों पर लेटा लें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 2 – बालà¥à¤Ÿà¥€ से मग में पानी लेकर शिशॠको गीला करें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 3 – शिशॠके शरीर पर साबà¥à¤¨ और शैमà¥à¤ªà¥‚ लगाà¤à¤‚। हाथों और पैरों को अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 4 – साबà¥à¤¨ को साफ पानी डालकर धो दें और बचà¥à¤šà¥‡ को सूखे तौलिया में लपेट लें।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 5 – शिशॠके शरीर को अचà¥à¤›à¥€ तरह सà¥à¤–ाकर पाउडर और लोशन आदि लगाà¤à¤‚।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª 6 – साफ कपड़े और डायपर पहनाकर शिशॠके तापमान को सामानà¥à¤¯ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
लेख में आगे शिशॠऔर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के संबंध में कà¥à¤› अनà¥à¤¯ काम की बातें बताई गई हैं।
शिशॠके चेहरे को कब और कैसे धोना चाहि�
शिशॠको नहलाते समय सबसे पहले उसके चेहरे को धोना चाहिये। चेहरे पर अगर कोई सूखी हà¥à¤ˆ चीज चिपकी हो, तो उसे रगड़कर साफ न करें। इसके लिठगीली रà¥à¤ˆ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। कान और नाक साफ करते समय अतिरिकà¥à¤¤ सावधानी बरतें। किसी चीज जैसे उंगली या ईयरबड का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कान और नाक के अंदर न करें। चेहरे को हमेशा सादे पानी से साफ करें।
आइà¤, अब जानते हैं कि शिशॠको सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराने के बाद कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤
शिशॠको नहलाने के बाद कà¥à¤¯à¤¾ करें | सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के बाद अपने नवजात शिशॠको सà¥à¤–ाने और डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग के लिठटिपà¥à¤¸
शिशॠको हमेशा सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर कपड़े पहनाà¤à¤‚। उसे à¤à¤¸à¥€ जगह लेटाà¤à¤‚, जहां से वह गिर न सके।
शिशॠको पोंछने के लिठमà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® तौलिये का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
पोछने के दौरान शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को रगड़े नहीं, बलà¥à¤•ि हलà¥à¤•े हाथों से उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सà¥à¤–ाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
शिशॠके जननांगों के आसपास देखें कि किसी तरह कि कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ तो नहीं है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना किसी à¤à¤‚टीफंगल या à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें।
बगल, कान के पीछे और कमर के नीचे के हिसà¥à¤¸à¥‡ को सूखा लें। इन जगहों की नियमित देखà¤à¤¾à¤² रखें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर मैल के सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होने का डर होता है।
शिशॠकी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी को आराम से खोलकर साफ करें।
नवजात शिशॠके सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के संबंध में कà¥à¤› सावधानियां à¤à¥€ जरूरी हैं, जिनके बारे में आगे बताया गया है।
बचà¥à¤šà¥‡ को नहलाते समय इन बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें
शिशॠको टब में नहलाते समय सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लें कि टब कहीं से टूटा-फूटा या नà¥à¤•ीला न हो।
टब समतल सतह पर रखा हो, ताकि नहलाते समय किसी पà¥à¤°à¤•ार की दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ का डर न रहे।
पानी में शिशॠको कà¤à¥€ à¤à¥€ अकेला न छोड़े। यह नवजात के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। वहीं, à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में à¤à¥€ इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की गई है कि शिशà¥à¤“ं के बाथ टब में डूबने की आशंका सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है (13)।
फिसलन से बचने के लिठनहाने के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर मैट बिछा लें।
नवजात शिशॠके ऊपर सीधे पानी न डालें। उसे सीधे नल के नीचे न नहलाà¤à¤‚। हमेशा हाथ से या मग से पानी डालें। à¤à¤¸à¤¾ करने से शिशॠकी नाक या मà¥à¤‚ह में सांस के साथ पानी जाने का खतरा नहीं रहता।
नवजात शिशॠको नहलाने का काम कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को न दें।
शिशॠको नहलाते समय अगर घर की घंटी बजे या मोबाइल पर किसी का कॉल आà¤, तो शिशॠको अपने साथ ही तौलिये में लेपटकर लेकर जाà¤à¤‚। उसे बाथरूम में अकेला न छोड़ें (14)।
नहलाते समय बचà¥à¤šà¥‡ का पेट बिलà¥à¤•à¥à¤² खाली न हो और न ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤°à¤¾ हो। à¤à¥‚खा बचà¥à¤šà¤¾ नहाते समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोता है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
बचà¥à¤šà¥‡ को नहाने का आनंद लेने में कैसे मदद करें?
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ नहाते समय काफी रोते हैं। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठआप कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कर सकते हैं –
नहलाते समय बचà¥à¤šà¥‡ को इतना कस कर न पकड़ें कि उसे दरà¥à¤¦ महसूस हो।
बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठलोरी गाà¤à¤‚ या उससे बात करें।
नहलाने का तरीका बदल कर देखें। हो सकता है आपका तरीका शिशॠके लिठसà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• न हो।
नहलाते समय शिशॠके बाथ टब में रंग बिरंगे खिलौने रखें। à¤à¤• और दो महीने के शिशॠचटक रंगों की ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं (15)।
किस पà¥à¤°à¤•ार का कà¥à¤²à¥€à¤‚जर या साबà¥à¤¨ का उपयोग किया जाना चाहिà¤?
नवजात शिशॠको सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कराने के लिठहमेशा माइलà¥à¤¡ बेबी सोप और शैमà¥à¤ªà¥‚ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। सोप और शैमà¥à¤ªà¥‚ आंखों में जलन और चà¥à¤à¤¨ पैदा करने वाले न हों। बेबी सोप और शैमà¥à¤ªà¥‚ में pH वैलà¥à¤¯à¥‚ 5.5 से 7.0 के बीच होनी चाहिठ(16)। बेहतर होगा कि आप कोई à¤à¥€ शैमà¥à¤ªà¥‚ या साबà¥à¤¨ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूर लें।
नवजात शिशॠको नहलाना हर माता-पिता के लिठखास पल होता है। अपने शिशॠके ननà¥à¤¹à¥‡-ननà¥à¤¹à¥‡ हाथ व पैरों को पà¥à¤¯à¤¾à¤° से सहलाते हà¥à¤ आपके मन में सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ और ममता के à¤à¤¾à¤µ रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में किसी à¤à¥€ अनहोनी का डर न रहे, इसलिठहमने यह लेख आपके साथ साà¤à¤¾ किया है। अगर आप नवजात को नहलाने से कà¥à¤› असहज या समसà¥à¤¯à¤¾ महसूस करें, तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
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